The shortage of coal became a crisis on electricity, information received from sources
The shortage of coal became a crisis on electricity, information received from sources

ऊर्जा मंत्री इस मामले पर बैठक रखवा चुके है, उन्होंने उसमे अफसरों और निजी कंपनियों से बातचीत की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि, बिजली संकट में नहीं है और न ही होने दिया जाएगा। बिजली की कमी न हो इसलिए बिजली संयंत्रों में कोयला मंगाने की कार्यवृद्धि बढ़ा दी गई है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय कोयला की पूर्ति के लिए बैठक बिठाई गयी है और समालोचन किया जाएगा। कई शहरों में देखा गया है की ब्लैक आउट की वजह से चिंतायें बढ़ रही है। इसके पहले भी ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने मंत्रालय के अफसरों व निजी कंपनियों में बैठक की। हालांकि ऊर्जा मंत्री ने साफ बोला है की देश में कोई बिजली का संकट नहीं आ रहा है और न ही आने दिया जाएगा।

आरके सिंह ने बताया की उनकी बात कोयला मंत्री प्रह्ललाद जोशी से बात हुई और उन्होंने बताया है की कोयला की आपूर्ति बढ़ा दी गयी जिससे देशवासियों को कोई मुश्किलें ना आए। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्य कोयले की कमी की शिकायत कर चुके हैं। इन सभी राज्यों के लिए इंडीया लिमिटेड से कोयला की आपूर्ति बढ़ाने का आग्रह किया जाएगा। महाराष्ट्र में भी कोयले की कमी से बिजली ने संकट पैदा किया है। राज्य के 7 थर्मल पावर प्लांट की 13 यूनिटों में बिजली की कमी ठप हो गयी थी।चंद्रपुर, भुसावल और नासिक के बिजली संयंत्रों में उत्पादन प्रभावित हुआ है।

The shortage of coal became a crisis on electricity, information received from sources

Leave a Reply