The central government is making continuous efforts for the supply of coal.
The central government is making continuous efforts for the supply of coal.

भारत में कोयले की कमी होने की वजह से एक-एक करके लगभग सभी शहरों में बिजली की कटौती होने लगी जिसकी वजह से कई सारे टेक्निकल कामों में रुकावटें पैदा होने लगी। इसको देखते हुए केंद्र सरकार ने कई तरह के प्रयास किए।
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा कोयले की कमी की वजह से होने वाली बिजली की कटौती को रोकने के लिए खदानों से तेजी से कोयले की निकासी के साथ ही सभी पावर प्लांट तक सुचारू रूप से कोयले को पहुंचाने के लिए तमाम कोशिशें की जा रही है।

बता दें कि पावर प्लांट को बड़ी मात्रा में कोयले की आपूर्ति मालगाड़ियों के जरिए होती है इसलिए वर्तमान समय में इसका महत्व अधिक हो गया है। यही कारण है कि रेलवे को कोयला सप्लाई के लिए ज्यादा जोर लगाने के लिए कहा जा रहा है।

बीते बुधवार को इस मसले पर उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंक प्रमोद कुमार ने बड़े अफसरों के साथ एक बैठक की जहां उन्होंने बिजली की कटौती से होने वाली परेशानियों को लेकर रेलवे के काेयले वाले रेक को जल्द एवं सुचारु रूप से संचालन के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कोयले के रेकों को लेकर कंट्रोल रूम में निगरानी करने और रीयल टाइम जानकारी देते रहने के लिए निर्देश दिए जिसमें प्रयागराज और झांसी से भी अधिकारी शामिल हुए।

इस बैठक में महाप्रबंधक प्रमोद कुमार ने बताया कि देश में कोयले की कमी की वजह से होने वाली परेशानी को देखते हुए रेलवे अपनी तरफ से पूर्ण प्रयास कर रहा है। उत्तर मध्य रेलवे को पूर्व मध्य रेलवे, पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे, पूर्व तटीय रेलवे और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से लोडेड कोल रेक है। बता दें कि दिल्ली एनसीआर के रास्ते ही उत्तर मध्य रेलवे और उत्तर रेलवे में स्थित उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में बिजली की पूर्ति की जाती है। जानकारी के मुताबिक कोयलों की इन रेकों को समय पर सही स्थानों तक पहुंचाने के लिए जीएम ने टूंडला, प्रयागराज, झांसी और आगरा के नियंत्रण कक्षों में कई अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है।

The central government is making continuous efforts for the supply of coal.

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