Tuesday, September 28, 2021
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कोविड के मामलों में कमी से जगी उम्मीद

लगातार चार दिन कोरोना वायरस संक्रमण के 4 लाख से अधिक नये मामले सामने आने के बाद भारत में सोमवार को एक दिन में कोविड-19 के 3,66,161 मामले सामने आए, जो कि भरोसे की कुछ उम्मीद जगाने वाले हैं। इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,26,62,575 हो गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के सोमवार जारी आंकड़ों के अनुसार, 3,754 और लोगों की संक्रमण के कारण मौत होने के बाद कुल मृतक संख्या बढ़कर 2,46,116 हो गयी। देश में उपचाराधीन मामलों की संख्या बढ़कर 37,45,237 हो गई, जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.53 प्रतिशत है, जबकि संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की दर 82.39 प्रतिशत है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,86,71,222 लोग संक्रमित होने के बाद ठीक हो चुके हैं, जबकि मृत्युदर 1.09 प्रतिशत है।

‘राज्यों के वैक्सीन खरीदने पर केंद्र की रोक नहीं’

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 2021-22 के बजट में ‘राज्यों को अंतरण’ शीर्षक के तहत टीकाकरण के लिए आवंटित 35,000 करोड़ रुपये को कोविड19 के टीके पर इस्तेमाल करने में केंद्र की कोई रोक नहीं है। अप्रैल से शुरू चालू वित्त वर्ष के लिये अनुदान मांगों की संख्या 40 में प्रशासनिक सुविधाओं की दृष्टि से ‘राज्यों को अंतरण’ शीर्षक के तहत 35,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एक सुविधा यह है कि इस पर व्यय के तिमाही नियंत्रण वाले प्रतिबंध लागू नहीं होते हैं। वित्त मंत्रालय ने ऐसी रपटों को खारिज किया है कि केन्द्र सरकार ने टीकाकरण के लिये कोई प्रावधान नहीं किया है।

विदेश से ऑक्सीजन लेकर आये नौसेना के युद्धपोत

देश में कोविड-19 महामारी के खिलाफ जारी लड़ाई में वायु सेना की तरह नौसेना भी अपनी अहम भूमिका निभा रही है और उसके युद्धपोत दुनिया के कई देशों से चिकित्सकीय सामग्री लेकर स्वदेश पहुंच रहे हैं। नौसेना के तीन युद्धपोत 80 टन तरल ऑक्सीजन, 20 क्रायोजेनिक ऑक्सीजन टैंक, 3150 सिलेंडर और भारी मात्रा में अन्य चिकित्सकीय सामग्री लेकर सोमवार को स्वदेश लौटे। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक माधवाल ने बताया कि युद्धपोतों द्वारा लाई जा रही सामग्री में ऑक्सीजन से भरे हुए 900 सिलेंडर, कोविड-19 की जांच करने वाले 10 हजार रैपिड एंटीजन जांच किट, 54 ऑक्सीजन सिलेंडर और 450 पीपीई किट समेत अन्य आवश्यक सामग्री शामिल है।

दवाओं को जरूरी वस्तु घोषित करने के लिये याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका में अनुरोध किया गया है कि कोविड-19 के मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं और उपकरणों को आवश्यक वस्तु माना जाए। अदालत ने सोमवार को इस मुद्दे पर केंद्र तथा दिल्ली सरकार से जवाब मांगा। जस्टिस विपिन सांघी तथा जस्टिस रेखा पल्ली की पीठ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तथा दिल्ली सरकार को इस याचिका पर नोटिस जारी किये। याचिका में दवाओं तथा उपकरणों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी करने वाले मामलों की सुनवाई के लिए त्वरित अदालतों के गठन का भी अनुरोध किया गया है। दिल्ली निवासी मनीषा चौहान ने अदालतों में ऐसे मामलों को देखने के लिए विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की भी मांग की है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकीलों ने अदालत से कहा कि कोविड उपचार में आवश्यक दवाओं और उपकरणों को आवश्यक वस्तु घोषित करने संबंधी अधिसूचना नहीं होने के कारण इनकी जमाखोरी और कालाबाजारी हो रही है।

हरियाणा 12718 नये मामले

चंडीगढ़ (ट्रिन्यू) : हरियाणा में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 12, 718 नये केस सामने आये। इस अवधि में संक्रमण की वजह से 161 और लोगों की मौत हो गई।

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