If your child also has such a problem, then take it to the doctor at the right time, otherwise there may be problems in future. Health problems have always been seen in increasing age.
If your child also has such a problem, then take it to the doctor at the right time, otherwise there may be problems in future. Health problems have always been seen in increasing age.

अगर आपके बच्चे को भी है ऐसी समस्या तो सही वक्त पर ले जाए डॉक्टर के पास वरना हो सकती है भविष्य में परेशानी
बढ़ती उम्र में हमेशा स्वास्थ समस्याएं देखी गयी है। लेकिन इस कलयुग में अर्थराइटिस की समस्या 16 साल की उम्र के बच्चों को भी हो रही हैं। अर्थराइटिस में आमतौर पर घुटनो में दर्द की शिकायत देखी गयी है। इस बीमारी की वजह से बच्चों को चलने तकलीफ देता है। हर साल 12 अक्टूबर को पूरी दुनिया में वर्ल्ड अर्थराइटिस डे मनाया जाता है।

अर्थराइटिस के लक्षण

जेपी हॉस्पिटल के डॉक्टर, बतौर एग्जीक्यूटिव कंसल्टेंट कार्य कर रहे Dr. Suvrat Arya ने बताया की आज कल बच्चो को भी अर्थराइटिस की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसको जुवेनाइल इडियोपैथिक अर्थराइटिस का नाम दिया गया है। जो विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का एक समूह है, जिसके कारण बच्चों के कम उम्र में होने पर भी जोड़ों में दर्द व सूजन रहती है और अभी भी इसके पीछे के कारण अज्ञात हैं।

बच्चों में अर्थराइटिस की जाँच कैसे की जाए

1.मेडिकल हिस्ट्री

  1. शारीरिक जांच
  2. एक्सरे और स्कैन
  3. आंखों की जांच
  4. रुटीन ब्लड टेस्ट्स
  5. एएनए, एचएलए बी 27, एंटी सीसीपी जैसे स्पेशल ब्लड टेस्ट, जो कि जेआईए के प्रकार पर निर्भर करता है

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