Sunday, February 28, 2021
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जिंदगी को जीना चाहता हु

जिंदगी को जीना चाहता हु …आज फिर आसमान को चुना चाहता हु..धरती और आस्मां की डोरी को अपने दिलकी गहराई से मापना चाहता हु...

….दोस्ती….

ऐ दोस्त मैं भी कुछ लिखना चाहता हु. अपने दुःख को तुझसे बताना चाहता हु सुख मे तो सबने साथ दिया मेरा दुःख मे...

क्यों

क्यों न हो बात अपनी,अगर बात सच में है मुझ मैं। क्यों न हो बात हुनुर की,अगर हुनुर सच में है मुझ मैं। व्यापारी के घर...

माँ

बदल गया रे ज़माना, बदले अम्बर और धरती।माँ आज भी है रोवे ,माँ तब भी रोया करती। माँ के पेट में बेटा, जब लात था...

मेरा भारत महान

जब हवा ज़हर थी, मुँह खुल्ले थे।अब हवा साफ है, पर मुँह बंद है।जिनके घर लाखों तन्खाह आवे,वो नेता अपने घर में बंद है।और...

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