Saturday, September 25, 2021
HomeBusinessपेट्रोल, डीजल जीएसटी में लाने पर हो सकता है विचार

पेट्रोल, डीजल जीएसटी में लाने पर हो सकता है विचार

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 17 सितंबर को होने वाली बैठक में संभवत: पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर विचार हो सकता है। यह एक ऐसा कदम होगा जिसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों को राजस्व के मोर्चे पर जबर्दस्त ‘समझौता’ करना होगा। केंद्र और राज्य दोनों को इन उत्पादों पर कर के जरिये भारी राजस्व मिलता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई वाली जीएसटी परिषद में राज्यों के वित्त मंत्री भी शामिल हैं। परिषद की बैठक शुक्रवार को लखनऊ में हो रही हैं।

देश में इस समय वाहन ईंधन के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। ऐसे में पेट्रोल और डीजल ईंधनों के मामले में कर के ऊपर कर के प्रभाव को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है। इस समय राज्य पेट्रोल, डीजल की उत्पादन लागत पर वैट नहीं लगाते, बल्कि पहले केंद्र इनके उत्पादन पर उत्पाद शुल्क लगाता है, फिर राज्य उस पर वैट वसूलते हैं। केरल हाईकोर्ट ने जून में एक याचिका पर सुनवाई के दौरान जीएसटी परिषद से पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर फैसला करने को कहा था।

सूत्रों ने कहा कि कोर्ट ने परिषद को ऐसा करने को कहा है। ऐसे में इसपर परिषद की बैठक में विचार हो सकता है। देश में जीएसटी व्यवस्था एक जुलाई, 2017 से लागू हुई थी। इसमें केंद्रीय कर और राज्यों के शुल्क को समाहित किया गया था। लेकिन पेट्रोल, डीजल, एटीएफ, प्राकृतिक गैस तथा कच्चे तेल को बाहर रखा गया। इसकी वजह यह है कि केंद्र और राज्यों को इन उत्पादों पर कर से भारी राजस्व मिलता है।

May consider bringing petrol, diesel under GST

RELATED ARTICLES

Leave a Reply

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments