Friday, October 30, 2020
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एमएसपी और उपज बेचने की आजादी, दोनों रहेंगी

नये कृषि कानूनों को लेकर प्रदर्शनाें के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि वह दूसरों के कंधों पर सवार होकर देशहित के हर काम का विरोध कर रही है। कांग्रेस का नाम लिए बिना मोदी ने कहा कि हर बदलती हुई तारीख के साथ विरोध के लिए, विरोध करने वाले ये लोग देश और समाज के लिए अप्रासंगिक होते जा रहे हैं। इतनी छटपटाहट है, बेचैनी है, हताशा, निराशा, एक ऐसा दर्द है, जिन्होंने देश पर राज किया, वह आज दूसरे के कंधों पर सवार होकर देशहित के हर काम का विरोध कर रहे हैं।

‘नमामि गंगे’ परियोजना के तहत उत्तराखंड में हरिद्वार, ऋषिकेश, मुनि की रेती और बद्रीनाथ में सीवरेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) और गंगा संग्रहालय समेत 6 परियोजनाओं का नयी दिल्ली से डिजिटल माध्यम से लोकार्पण करने बाद प्रधानमंत्री ने यह बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने कृषि कानूनों से लेकर राम मंदिर तक कई मुद्दों पर विपक्ष के विरोध का जिक्र किया। विपक्षी दलों का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा, ‘वे एमएसपी पर किसानों में भ्रम फैला रहे हैं। देश में एमएसपी भी रहेगा और किसानों को अपनी उपज कहीं भी बेचने की आजादी भी रहेगी।’

जीएसटी पर विपक्ष के विरोध पर मोदी ने कहा जीएसटी लागू होने के बाद देश में घरेलू सामान पर लगने वाला कर बहुत कम हो गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग न किसान के साथ हैं, न नौजवान के साथ और न ही देश के वीर जवान के साथ। प्रधानमंत्री ने वन रैंक-वन पेंशन, राफेल विमानों, सर्जिकल स्ट्राइक, राम मंदिर और इसके निर्माण के भूमि पूजन, सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा, योग दिवस के विरोध का जिक्र करते हुए कहा कि देश के लिए होने वाले कामों का विरोध इनकी आदत बन गयी है।

अब पैसा पानी की तरह नहीं बहता

‘नमामि गंगे’ को देश का सबसे बड़ा और विस्तृत नदी संरक्षण कार्यक्रम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश उस दौर से निकल चुका है जब पैसा पानी की तरह बह जाता था, लेकिन नतीजे नहीं मिलते थे। आज पैसा न पानी की तरह बहता है, न पानी में बहता है, बल्कि पाई-पाई पानी पर लगाया जाता है। मोदी ने कहा कि बीते दशकों में गंगा की निर्मलता को लेकर बड़े-बड़े अभियान शुरू किए गये जिनमें न तो जनभागीदारी थी और न ही दूरदर्शिता, उसका नतीजा यह हुआ कि गंगा का पानी कभी साफ ही नहीं हो पाया। उन्होंने कहा, ‘अगर गंगाजल की शुद्धता को लेकर वही पुराने तौर तरीके अपनाए जाते तो आज भी हालत उतनी ही बुरी रहती। लेकिन हम नयी सोच से आगे बढ़े। हमने नमामि गंगे मिशन को केवल गंगा की साफ-सफाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे देश का सबसे बड़ा और विस्तृत नदी संरक्षण कार्यक्रम बनाया।

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