Sunday, September 27, 2020
Home NEWS पूर्ण समर्पण से प्रेम

पूर्ण समर्पण से प्रेम

एक बार राधा जी ने श्रीकृष्ण से कहा, ‘मुझे आपकी मुरली से बहुत ईर्ष्या होती है, क्योंकि यह मुरली आपसे कभी अलग नहीं होती, जबकि हम गोपियों को आपसे अलग होना पड़ता है। क्या हम आपकी भक्त नहीं हैं?’ भगवान श्रीकृष्ण ने राधा से कहा— ‘एक बार मैंने बांसुरी के लिए बांस के पेड़ की शाखा लेने के लिए अनुमति मांगी। बांस के पेड़ ने बिना कोई प्रश्न किये तत्क्षण मुझे सहर्ष स्वीकृति दी। जब मैंने उस शाखा को वृक्ष से अलग किया तो निस्संदेह उससे, उसे पीड़ा हुई होगी। बांस को बांसुरी का आकार देने के लिए उसे काटा, छीला और तराशा गया होगा, लेकिन उसने कभी उफ तक नहीं की। उसने मेरा प्रेम पाने के पूर्णत: समर्पण कर दिया। इसलिए यह मुरली मेरी अत्यंत प्रिय और अभिन्न है। प्रभु का प्रेम पूर्ण समर्पण से ही पाया जा सकता है।’

Avatar
aakedekhhttps://aakedekh.in
Aakedekh : Live TV लाइव Hindi News, हिंदी समाचार, Samachar, Breaking

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

40 करोड़ श्रमिकों के हित सुरक्षित करेंगे विधेयक : अनुराग

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट अफेयर्स राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए...

भाजपा नीत राजग सरकार ने किसानों के लिए एमएसपी बढ़ाकर इतिहास रचा : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रधानमंत्री ने भाजपा नेताओं को डिजिटल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि देश के छोटे किसान...

दिल्ली दंगे उमर खालिद को भेजा 22 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में

दिल्ली की एक अदालत ने जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को बृहस्पतिवार को 22 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज...

छोटा सा पौधा थोड़ा सा पानी

अमूमन हर किसी की ख्वाहिश होती है कि उसका घर हरे-भरे पौधों से सजा हो। लेकिन जगह की कमी और बिजी लाइफ...

Recent Comments

Open chat