Monday, September 21, 2020
Home EDUCATION अब अभिभावकों को मिलेंगे स्कूल से जुड़े हर प्रशन केे उत्तर

अब अभिभावकों को मिलेंगे स्कूल से जुड़े हर प्रशन केे उत्तर

वरिष्ठ संवाददाता पुष्कर पांडे लॉकडाउन के बाद से देश के सभी स्कूल बंद हैं| ऐसी स्थिति में अभिभावकों के मन में कई सवाल हैं| हमारे वरिष्ठ संवाददाता पुष्कर पांडे ने प्राइवेट लैंड पब्लिक स्कूल्स ट्रस्ट केे राष्ट्रीय महासचिव चंद्रकांत सिंह से स्कूल केे मुद्दे पर बात की|

बातचीत के कुछ अंश-

प्रशन-लॉकडाउन का स्कूलों पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर- स्कूलों को दो भागों में बांटा जा सकता है| एक प्राइवेट स्कूल और दूसरा सरकारी स्कूल| लॉकडाउन का असर सरकारी स्कूलों पर ज़्यादा नहीं पड़ा क्योंकि उन्हें सरकारी सहायता प्राप्त है| सबसे ज्यादा जो असर पड़ा है वो हैं प्राइवेट स्कूल या यूँ कहें बजट स्कूल जिनकी फीस 2000 रु से भी कम है| क्योंकि जब से लॉकडाउन लगा है तब से ये स्कूल अपने शिक्षकों की सैलरी नहीं दे पाये हैं| कई स्कूल मालिक डिप्रेशन का शिकार हो गए हैं और कई आत्महत्या करने की कगार पर हैं| क्योंकि इन स्कूलों के पास कमाई के साधन स्कूल के बच्चे ही हैं|

प्रशन- जो अभिभावक नो स्कूल नो फीस की पॉलिसी अपना रहे हैं, उनके बारे में आप क्या कहेंगे?
उत्तर- जो अभिभावक ये कह रहे हैं नो स्कूल नो फीस उन्हें इस बात को समझना चाहिए कि लॉकडाउन केे समय में भी स्कूल के कोई खर्चे रुके नहीं हैं| हमें प्रॉपर्टी टैक्स देना ही पड़ा है हमें बिजली का बिल देना ही पड़ा है| जो अभिभावक स्कूल में काम करते हैं या जिनके रिश्तेदार स्कूलों में काम करते हैं वो अपनी सैलरी ना माँगें तो हमें कोई दिक्कत नहीं है| सरकार प्रॉपर्टी टैक्स और बिजली बिल माफ़ कर दे तो हमे कोई दिक्कत नहीं है| अभिभावकों केे प्रति हमारी पूरी सहानुभूति है हमें उम्मीद है कि अभिभावक भी स्कूल मालिकों के प्रति संवेदना रखेंगे| जो अभिभावक नो स्कूल नो फीस की पॉलिसी अपना रहे हैं उनके लिए मेरा सुझाव है कि वो अपने बच्चे का दाखिला सरकारी स्कूल में करवा लें, क्योंकि वहां सब कुछ मुफ्त होता है|

प्रशन- ऑनलाइन पढाई से बच्चों को क्या लाभ मिल रहा है,क्योंकि ज़्यादा देर तक मोबाइल इस्तेमाल करना बच्चों केे लिए सही नहीं है?
उत्तर- देखिये आपने बिल्कुल सही कहा कि बच्चों को ज़्यादा देर तक मोबाइल यूज़ नहीं करना चाहिए| माता-पिता को चाहिए कि जितनी देर बच्चा पढाई कर रहा है उतनी ही देर बच्चों केे पास मोबाइल रहे| बच्चों को पढाई से जोड़ कर रखना बहुत जरूरी है,नहीं तो बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है|

प्रशन- जब भी स्कूल खुलेंगे तो कोरोना से बचने केे लिए स्कूल ने बच्चों केे लिए क्या इंतजाम किए हैं?
उत्तर- देखिये हमारी जो केंद्र में सरकार है वो बहुत प्रभावशाली है और जो मंत्रीगण बैठे हैं वे बहुत ही विद्वान हैं केंद्र सरकार की ओर से जो भी दिशा-निर्देश स्कूलों केे लिए जारी किए जायेंगे उनका पूरा पालन होगा,बच्चों की सुरक्षा केे साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्कूल में नहीं किया जाएगा|

अंत में चंद्रकांत सिंह ने बच्चों और उनके माता-पिता को सुझाव दिया है कि वे अपना और अपने बच्चों का खास ध्यान रखें, जब जरुरत हो तभी घर से बाहर निकलें| दिन में 4 बार हाथों को अच्छे से धोएं| हमेशा मास्क पहन कर रखें| सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करें|

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